thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

Badmer: गहलोत-चौधरी में दरार, बोले- लोकसभा चुनाव के बाद बातचीत बंद

बलजीत सिंह शेखावत

बाड़मेर में विधायक हरीश चौधरी ने पूर्व सीएम गहलोत पर साधा निशाना, कहा- अब हमारे बीच कोई सीधा संवाद नहीं है।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • हरीश चौधरी ने कहा- गहलोत से लोकसभा चुनाव के बाद 'रामा-श्यामा' बंद है।
  • बाड़मेर में एक सार्वजनिक मंच से चौधरी ने अपने संबंधों की कड़वाहट उजागर की।
  • OBC आरक्षण और RLP को लेकर दोनों नेताओं में पहले भी रहे हैं मतभेद।
  • यह बयान गहलोत-पायलट के एक साथ दिखने के कुछ ही समय बाद आया है।
rajasthan congress rift harish chaudhary slams ashok gehlot barmer

बाड़मेर | राजस्थान कांग्रेस में आंतरिक कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। बायतु विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद है।

सार्वजनिक मंच से छलका दर्द

बाड़मेर में वीर तेजाजी मंदिर के एक धार्मिक कार्यक्रम में बोलते हुए हरीश चौधरी ने यह बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वह इस पवित्र मंच से कड़वी बातें नहीं करना चाहते, लेकिन सच्चाई को छिपाना भी ठीक नहीं है।

चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना ही उन पर सीधा निशाना साधा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में राहुल गांधी की मौजूदगी में गहलोत और सचिन पायलट ने एकजुटता दिखाई थी।

चौधरी ने कहा, "पहले हमारे मुख्यमंत्री थे। इस पवित्र जगह पर नहीं बोलूं तो ही ठीक है। लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद मेरी उनसे रामा-श्यामा बंद है।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनके बीच सीधे संवाद का कोई माध्यम नहीं बचा है। यदि बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल कोई संदेश लाते हैं, तो वे उसे सिर्फ सुन लेते हैं।

क्यों बढ़ी दोनों नेताओं में दूरी?

हरीश चौधरी और अशोक गहलोत के बीच तल्खी की कई वजहें मानी जाती हैं। चौधरी, गहलोत के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं की पार्टी में वापसी से नाराज थे। उन्होंने इस पर आलाकमान से भी शिकायत की थी।

इससे पहले, OBC आरक्षण में भूतपूर्व सैनिकों के कोटे से जुड़ी विसंगतियों पर भी चौधरी ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव टालने के लिए सीधे मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया था।

चौधरी ने यह भी आरोप लगाया था कि हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को अशोक गहलोत ने ही प्रायोजित किया था। उनका मानना था कि गहलोत कांग्रेस के जाट नेताओं को कमजोर करने के लिए ऐसा कर रहे थे।

बयान से गरमाई सियासत

हरीश चौधरी के इस बयान ने राजस्थान, खासकर मारवाड़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर करता है और आलाकमान के लिए एक नई चुनौती पेश करता है।

इस बयान के बाद कांग्रेस के 'ऑल इज़ वेल' के दावों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व इस आंतरिक कलह को कैसे संभालता है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: