ऑनलाइन शॉपिंग आज के समय में बहुत आम हो गई है, जो हमें घर बैठे हर जरूरी सामान खरीदने की सुविधा देती है।
ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत करें ये काम, वापस मिलेंगे पैसे
ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आप अपनी ठगी गई रकम वापस पा सकते हैं।
HIGHLIGHTS
- ऑनलाइन फ्रॉड होने पर तुरंत बैंक और पेमेंट ऐप को सूचित करें।साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।समय पर शिकायत करने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।ट्रांजैक्शन आईडी और स्क्रीनशॉट जैसे सभी जरूरी सबूत सुरक्षित रखें।
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कपड़े, मोबाइल, ग्रॉसरी से लेकर लगभग हर चीज अब कुछ ही घंटों में डिलीवर हो जाती है। इससे हमारा समय और मेहनत दोनों बचते हैं।
लेकिन इस सुविधा के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार लोगों से पैसे लेने के बाद या तो सामान भेजा ही नहीं जाता, या फिर गलत, नकली या खराब प्रोडक्ट डिलीवर कर दिया जाता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा कोई ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ जरूरी कदम उठाकर आप अपने पैसे वापस पाने की कोशिश कर सकते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम क्या होता है?
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ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम तब होता है, जब कोई धोखेबाज या फर्जी वेबसाइट ग्राहक को झांसा देकर उसके पैसे हड़प लेती है।
यह धोखाधड़ी कई तरीकों से की जा सकती है।
धोखाधड़ी के कुछ आम तरीके:
- सामान डिलीवर न करना: विक्रेता आपसे पैसे ले लेता है, लेकिन सामान कभी भेजता ही नहीं।
- नकली या खराब प्रोडक्ट भेजना: आपको असली प्रोडक्ट की जगह कोई नकली, खराब या सस्ता सामान भेज दिया जाता है।
- फर्जी वेबसाइट: आकर्षक ऑफर्स और भारी छूट दिखाकर फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों से पेमेंट करा लिया जाता है।
ऑनलाइन फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें?
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो बिना देर किए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। जितनी जल्दी आप सही जगह पर स्कैम की जानकारी देंगे, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी।
सबसे पहले ट्रांजैक्शन डिटेल्स जांचें
सबसे पहले अपनी ट्रांजैक्शन डिटेल्स को इकट्ठा करें। इसमें ट्रांजैक्शन ID, ट्रांजैक्शन की तारीख, ठगी गई रकम, और जालसाज का अकाउंट नंबर या UPI ID जैसी जानकारी शामिल है।
फ्रॉड से जुड़े सभी जरूरी सबूत जैसे स्क्रीनशॉट, मैसेज और ऑर्डर की रसीद अपने पास सुरक्षित रखें।
बैंक या पेमेंट ऐप से संपर्क करें
इसके बाद तुरंत अपने बैंक या पेमेंट ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe) के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें। उन्हें पूरी घटना की जानकारी दें और ट्रांजैक्शन को फ्रॉड के तौर पर रिपोर्ट करें।
कार्ड को ब्लॉक कराएं
यदि आपने पेमेंट क्रेडिट या डेबिट कार्ड से किया है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्कैमर आपके कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके कोई और ट्रांजैक्शन न कर सके।
विक्रेता के खिलाफ शिकायत करें
जिस वेबसाइट या विक्रेता से आपने खरीदारी की थी, उसके प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज करें। अपने ऑर्डर की रसीद और अन्य सबूत वहां भी साझा करें।
ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड की शिकायत कहां करें?
ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत के लिए सरकार ने विशेष प्लेटफॉर्म बनाए हैं।
आप राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहां 'Report Other Cyber Crime' या 'Report Financial Fraud' का विकल्प चुनकर शिकायत की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इसके अलावा, आप हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी तुरंत ऑनलाइन फ्रॉड की सूचना दे सकते हैं।
फ्रॉड का पैसा वापस कैसे मिल सकता है?
अगर आपने फ्रॉड का पता चलते ही समय पर शिकायत कर दी है, तो आपका मामला बैंक और साइबर सेल तक पहुंच जाता है।
यदि ठगी गई रकम अभी तक जालसाज के अकाउंट से निकाली नहीं गई है, तो उसे फ्रीज किया जा सकता है।
इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर आपका पैसा वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, शिकायत करने में देरी होने पर पैसा वापस मिलना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि स्कैम करने वाले अक्सर रकम मिलते ही उसे तुरंत निकाल लेते हैं।
इसलिए, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड होने पर सबसे जरूरी है कि आप बिना समय गंवाए तुरंत बैंक, पेमेंट ऐप और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।