नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे तमिलनाडु के सैकड़ों लोगों को बचाने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, कुल 319 लोगों में से 219 का पता लगा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं, लेकिन 100 लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल बाढ़: नेपाल में फंसे 219 तमिल सुरक्षित, 100 अब भी लापता
नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 100 की तलाश जारी है। सरकार केंद्र और नेपाल के साथ मिलकर बचाव कार्य कर रही है।
HIGHLIGHTS
- नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 सुरक्षित।100 लोग अभी भी लापता, सरकार ने बचाव अभियान तेज किया।दिल्ली में वॉर रूम स्थापित, केंद्र और नेपाल से समन्वय।15,000 से ज्यादा जवान भारत-नेपाल की टीमों में शामिल।
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तमिलनाडु सरकार इस बड़े बचाव अभियान के लिए केंद्र सरकार और नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।
बचाव अभियान की निगरानी
राज्य मंत्री राजमोहन ने रविवार को इस मामले पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेपाल गए 319 में से 219 लोगों का पता चल चुका है और उम्मीद है कि वे 31 अगस्त की रात तक चेन्नई लौट आएंगे।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के निर्देश पर, मंत्रियों की एक विशेष टीम दिल्ली भेजी गई थी। इस टीम ने केंद्र सरकार और नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों की निगरानी की।
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दिल्ली में मंत्रियों की टीम
इस टीम में आधव अर्जुन, राजमोहन, थेन्नारसु और विनोद शामिल थे। टीम शनिवार देर रात चेन्नई लौट आई, लेकिन प्रवासी तमिल कल्याण विभाग के मंत्री थेन्नारसु अभी भी दिल्ली में रहकर बचाव अभियान पर नजर रख रहे हैं।
दिल्ली में स्थापित वॉर रूम
चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राजमोहन ने बताया कि बचाव कार्यों में समन्वय के लिए दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक विशेष वॉर रूम बनाया गया है।
इस वॉर रूम के माध्यम से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार और नेपाल के अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है।
उन्होंने कहा, "पिछले तीन दिनों से मंत्री दिल्ली में रहकर नेपाल में फंसे तमिलनाडु के लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटे थे।" इस दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव से भी मुलाकात की गई।
चार स्तरों पर मदद की व्यवस्था
राजमोहन के अनुसार, प्रभावित परिवारों की मदद के लिए चार स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकार को बड़ी संख्या में फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, और इन्हीं सूचनाओं के आधार पर फंसे हुए यात्रियों का पता लगाया जा रहा है।
लापता लोगों की तलाश जारी
मंत्री राजमोहन ने बताया कि तमिलनाडु से विभिन्न समूहों में कुल 319 लोग नेपाल गए थे। इनमें से 219 के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है।
उन्हें अलग-अलग माध्यमों से भारत वापस लाया जा रहा है।
- शुरुआत में 21 बचाए गए लोगों को दिल्ली लाया गया था।
- कुंभकोणम की एक एजेंसी के जरिए गए 57 लोगों में से 21 सुरक्षित चेन्नई पहुंच चुके हैं।
- इसी समूह के बाकी 36 लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
- चीन सीमा के रास्ते काठमांडू पहुंचे 150 लोगों के एक समूह को भी वापस लाया जा रहा है।
- अन्य 39 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 33 कोयंबटूर और 6 चेन्नई पहुंचेंगे।
महादेवी तीर्थयात्रा समूह लापता
एक बड़ी चिंता महादेवी तीर्थयात्रा के लिए नेपाल गए 49 लोगों के समूह को लेकर है। उनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है और उन्हें फिलहाल लापता माना जा रहा है। सरकार इन समेत सभी 100 लापता लोगों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही है।
बड़े पैमाने पर बचाव कार्य
राजमोहन ने बचाव अभियान को एक 'बड़े पैमाने की अंतरराष्ट्रीय आपदा' बताया और कहा कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण लोगों का सामान घटनास्थल से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बह गया है।
15,000 से अधिक जवान तैनात
भारत और नेपाल की सेनाएं इस राहत एवं बचाव अभियान में बड़े स्तर पर जुटी हुई हैं। 15,000 से अधिक सैन्यकर्मी इस अभियान में शामिल हैं।
लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मेडिकल टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। नेपाल में बरामद कुछ शवों की पहचान अभी बाकी है, जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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