जयपुर | राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कर्मचारियों को पदोन्नति में दो साल की छूट देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, शासन सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
राजस्थान में बंपर भर्ती, प्रमोशन में छूट: राजस्थान: कर्मचारियों को प्रमोशन में 2 साल की छूट, 149 नई भर्ती
भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, सचिवालय में 149 नए पदों पर होगी भर्ती, पदोन्नति के नियमों में भी दी गई ढील।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों को पदोन्नति में 2 साल की छूट दी।
- यह छूट विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से होगी।
- शासन सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।
- इनमें सहायक शासन सचिव, सहायक अनुभाग अधिकारी और लिपिक के पद शामिल हैं।
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कर्मचारियों को पदोन्नति में बड़ी राहत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस निर्णय का उद्देश्य विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाना और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना है।
नई नीति के तहत, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से होने वाले प्रमोशन में अनुभव की शर्तों में दो साल की रियायत दी जाएगी।
इस फैसले से उन कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो न्यूनतम सेवा अवधि पूरी करने के करीब थे और पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
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किन्हें नहीं मिलेगा इस छूट का लाभ?
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट सभी के लिए नहीं है। जिन कार्मिकों ने पहले ही वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में इस तरह की छूट का लाभ ले लिया है, वे इस नई नीति के दायरे में नहीं आएंगे।
यह कदम प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी को समान अवसर प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
सचिवालय में 149 नए पदों पर होगी भर्ती
पदोन्नति में छूट के अलावा, सरकार ने रोजगार सृजन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
शासन सचिवालय में कार्य-कुशलता बढ़ाने और काम के बोझ को कम करने के लिए 149 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और प्रशासन को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन नए पदों में 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद शामिल हैं।
इन भर्तियों से न केवल सचिवालय के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर भी खुलेंगे।
यह फैसला भजनलाल सरकार के बजट 2026-27 में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। इससे राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी और कर्मचारियों में कार्य के प्रति समर्पण की भावना भी बढ़ेगी।
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