जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लेकसिटी उदयपुर के भविष्य को संवारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विकास का एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
उदयपुर विकास का नया ब्लूप्रिंट: CM भजनलाल का उदयपुर प्लान: 30KM तक होगा शहर का विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर के विकास के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।
HIGHLIGHTS
- उदयपुर शहर के चारों ओर 25-30 किलोमीटर के दायरे में विकास की नई कार्ययोजना तैयार होगी।
- देवास परियोजना के तीसरे और चौथे चरण को जल्द पूरा करने के निर्देश, झीलों में नहीं होगी पानी की कमी।
- फतेहपुरा चौराहे की तरह अन्य प्रमुख चौराहों पर भी एआई-आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लागू होगा।
- स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए उद्योगपतियों और आम जनता का सहयोग लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री बुधवार को उदयपुर के जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया।
उदयपुर के विकास का 30 किलोमीटर वाला मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने शहर के चारों ओर 25 से 30 किलोमीटर की परिधि में विकास की संभावनाओं को तलाशने को कहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उदयपुर को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाना है। इसके लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे इसके लिए एक ठोस कार्य योजना पेश करें।
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भजनलाल शर्मा ने कहा कि उदयपुर राजस्थान का सबसे प्रमुख पर्यटन केंद्र है। यहां देश और दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं। इसलिए शहर की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
देवास परियोजना और झीलों का संरक्षण
उदयपुर की पहचान उसकी झीलों से है। मुख्यमंत्री ने देवास परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके तीसरे और चौथे चरण के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे झीलों में पानी की आवक बनी रहेगी।
झीलों में पानी की कमी न हो, इसके लिए यह परियोजना संजीवनी साबित होगी। साथ ही, उन्होंने शहर में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने पर जोर दिया। पाइपलाइन और सीवरेज के अधूरे कामों को बारिश से पहले पूरा करने की हिदायत दी गई है।
पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां जरूरत हो, वहां नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं ताकि जनता को स्वच्छ पानी मिले।
ट्रैफिक और स्वच्छता पर सीएम का खास फोकस
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने फतेहपुरा चौराहे पर लगे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की जमकर सराहना की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसी तरह का स्मार्ट सिस्टम शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू किया जाए। इससे न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि पर्यटकों को भी आवाजाही में काफी आसानी होगी।
स्वच्छता के मामले में उदयपुर को नंबर वन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। उन्होंने इसमें संस्थाओं और आमजन की भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
"लोकसेवक जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इसलिए जनहित कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। विकास योजनाओं की प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों के सुझावों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।"
जवाबदेही और ग्राम रथ यात्रा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने ग्राम रथ यात्रा के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इसमें उपखंड अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
बैठक में जल संसाधन, बिजली, चिकित्सा और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की। संभागीय आयुक्त और पुलिस अधीक्षक ने भी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को प्रदान की।
उदयपुर के इस नए ब्लूप्रिंट से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से शहर के बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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