प्रतापगढ़ | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सादगी और जन-जुड़ाव की एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी गांव में रात्रि विश्राम किया और ग्रामीणों के बीच समय बिताया।
खाट पर मुख्यमंत्री की चौपाल: प्रतापगढ़ में CM भजनलाल की चौपाल, लखपति दीदी से संवाद
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी में ग्रामीणों संग बिताई रात, सुनी मन की बात।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी गांव में रात्रि प्रवास कर ग्रामीणों से संवाद किया।
- लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की 16 लाख से अधिक महिलाओं को इस श्रेणी में लाया गया है।
- किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए जयपुर में 'ग्राम 2026' का बड़ा आयोजन किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री ने बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने और सरस डेयरी बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री ने बुधवार देर रात तक ग्राम विकास चौपाल का आयोजन किया। इसमें उन्होंने महिलाओं, किसानों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से बेहद आत्मीय संवाद किया। इस दौरान गांव में भारी उत्साह देखा गया।
चौपाल की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने किसी मंच के बजाय जमीन पर बिछी खाट पर बैठकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ खेती, सिंचाई और पेयजल जैसे मुद्दों पर बात की।
गांव की चौपाल और खाट पर सीधा संवाद
बम्बोरी गांव की इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने स्थानीय समस्याओं को गहराई से समझा। उन्होंने सड़क, बिजली, रोजगार और शिक्षा जैसे विषयों पर ग्रामीणों के सुझावों को धैर्यपूर्वक सुना।
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उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। खाट पर बैठकर की गई इस चर्चा ने शासन और जनता के बीच की दूरी कम की।
मुख्यमंत्री ने जनजाति विकास और स्थानीय विकास की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में बताया।
लखपति दीदी: महिला सशक्तीकरण की नई इबारत
चौपाल के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं। उन्होंने लखपति दीदी, कृषि सखी और बैंक सखी जैसी योजनाओं से आए बदलावों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट मानना है कि मातृ शक्ति के सशक्त होने से ही देश समृद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
राजस्थान सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 21 लाख से अधिक महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया है। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कांता सेन और ईना रावत की प्रेरक कहानियां
संवाद के दौरान लखपति दीदी कांता सेन ने अपनी भावुक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक सिलाई मशीन से शुरू हुआ सफर आज गाय खरीदने तक पहुंच गया है।
पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी। आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है। अब मैं अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती हूं।
वहीं ईना रावत ने बताया कि ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनकी पहचान बदल गई है। पहले उन्हें कोई नहीं जानता था, लेकिन अब उन्हें सम्मान मिलता है।
ईना रावत अब बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उनकी कहानी गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की।
किसानों की खुशहाली और आधुनिक तकनीक
चौपाल में किसानों और पशुपालकों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई और प्राकृतिक खेती को अपनाने के अपने अनुभवों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में किसान मालामाल हो रहे हैं। किसान मांगीलाल ने बताया कि वे 20 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं।
किसान सुरेश ने कृषि सब्सिडी और सम्मान निधि के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
सीताराम धाकड़ जैसे किसानों ने बताया कि अब खेती की लागत निकल रही है। सरकारी योजनाओं के कारण खेती अब पहले से अधिक लाभकारी व्यवसाय बन गई है।
युवाओं का भरोसा और पेपरलीक पर प्रहार
युवाओं के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा और रोजगार पर चर्चा की। स्कूली छात्रा लवीशा के आग्रह पर उन्होंने बम्बोरी विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया।
युवा उत्सव जैन ने राज्य सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में लाई गई पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
पेपरलीक मुक्त राजस्थान का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब किसी भी युवा का सपना नहीं टूटेगा।
उन्होंने कहा कि पहले पेपरलीक जैसी घटनाओं से युवाओं का मनोबल गिरता था। लेकिन अब सरकार ने कड़ी कार्रवाई कर एक पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की है।
नवनियुक्त युवाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मेहनत करने वाले युवाओं को समय पर और ईमानदारी से नौकरी मिल रही है।
ग्राम 2026 और भविष्य का विजन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 23 से 25 मई तक जयपुर में 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026' का आयोजन किया जाएगा। यह किसानों के लिए मील का पत्थर होगा।
इस आयोजन में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इससे राजस्थान के किसानों को नई तकनीक और वैश्विक बाजारों की जानकारी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों से सोलर ऊर्जा और फव्वारा प्रणाली जैसी तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
स्थानीय विकास और जनसुनवाई के परिणाम
पशुपालकों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने बम्बोरी में सरस डेयरी बूथ खोलने के निर्देश दिए। साथ ही बम्बोरी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी मुहर लगाई।
बालूराम ने मंगला पशु बीमा योजना को पशुपालकों के लिए वरदान बताया। किशन ने कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से पशुपालन में हो रहे लाभों के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 2030, 2035 और 2047 तक के लिए विकास का रोडमैप बना रही है। इसमें हर गांव और वार्ड की आवश्यकताओं को शामिल किया गया है।
सांस्कृतिक स्वागत और सामूहिक भागीदारी
मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री खुद भी कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद सीपी जोशी और कई विधायक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक चौपाल में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि गरीबी का दर्द वही समझ सकता है जिसने उसे देखा हो। उनकी सरकार गरीबों और मजदूरों के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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