मराठवाड़ा में मिथिलेश: किसकी सिम्त जाना है part 01
वहां अब दाढ़ी बनायी जा रही है, बाल काटे जा रहे हैं। रहा होगा कभी सत्कार होटल। मत रो रुनझुन! हम तुम्हारी भूख का मान रखेंग...
वहां अब दाढ़ी बनायी जा रही है, बाल काटे जा रहे हैं। रहा होगा कभी सत्कार होटल। मत रो रुनझुन! हम तुम्हारी भूख का मान रखेंग...
वह बारूद का स्वाद भी जानता है और जोहरा बाई की ठुमरी की नजाकत भी समझता है। फिसलन और चुभन जहां एक साथ मिलें और फिर जो तस्व...
जाने को तो हम शैलेश की गाड़ी से भी निकल सकते थे और डाक्टर रवि की गाड़ी से भी। लेकिन इतनी सारी खबरें, खबरों के भीतर की खब...
बात धर्म की हो रही तो शुरुआत धर्म से ही कर लेते हैं। विवाद की जड़ ही धर्म है तो हमने सोचा पहले जान तो लें कि धर्म किसको...
युवा नरेश महाराज अजीत सिंह शेखावत स्वयं स्वाधायशील एवं विद्वान व्यक्तित्व थे। युवा संन्यासी से मिलने को उतावले हो चले।...
हम कहते हैं कुरज हमारी 'धीवड़' है,कुछ दिन ससुराल जाकर लौट आती है। उंगली से नख न्यारे हो तो कुरजां हमसे न्यारी हो। कुरज ह...
आखिर छोटे बेटों ने बड़े भाईसाब को मैसेज भेजा। भाईसाब माटसाब थे। मारवाड़ी उनको 'जमती' नहीं थी और हिंदी उनसे 'समती' नहीं थ...
बेगम अख्तर की तकदीर उन्हें इस महफ़िल में ले आई थी। 1949 में एक शो बिहार में आये भूकम्प पीड़ितों के लिए चंदा जुटाने के लिए...
पढ़ाई में हमेशा फिसड्डी और खेलकूद में हमेशा आगे रहने वाले टिम्मी साहिब भारतीय सेना के सबसे लोकप्रिय जनरल थे। वे सेना में...
माज़ी का दर्द और इश्क़ के अफ़साने शायर की कलम ,उसके गज़ल कहने के अन्दाज़ को बिल्कुल अलग, उम्दा और खास बना देते है। यह शे...
बाल्जाक एक विकट लेखक थे वो भी इतने विकट की अक्सर बिना खाए पिए वो लगातार लिखते रहते।इसके कारण वो स्वास्थ्य समस्याओं से जू...
एक ट्वीटर स्पेस कार्यक्रम में भरतपुर के युवराज कुंवर अनिरुद्धसिंह द्वारा अपनी जाति के वर्तमान और इतिहास पर जानकारी देने...
नीलू की कलम से जड़ों से जुड़े विषयों पर मौलिक लेखन जो सीधा पाठक का जुड़ाव कराता है। नीलू अपने लेखन में शब्दों से तस्वीर...
युवक आत्मविश्वास के साथ दनदनाता हुआ गया और बातचीत करके ठरके से लौटा तो सूट-बूट वालों के चेहरे उतरे हुए थे और हिज हाईनेस...