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राजस्थान मौसम अलर्ट: बारिश और ओलावृष्टि: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: जयपुर समेत 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, किसानों को चेतावनी

बलजीत सिंह शेखावत

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। अगले 24 घंटों में जयपुर और जोधपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

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HIGHLIGHTS

  • राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर और जयपुर सहित कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।
  • हनुमानगढ़ और चुरू समेत मारवाड़ से मेवाड़ तक के क्षेत्रों में येलो अलर्ट की स्थिति।
  • 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, ओलावृष्टि की भी आशंका।
  • 9 अप्रैल से मौसम शुष्क होने और तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी का अनुमान।
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जयपुर | राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के बड़े हिस्से में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक यानी 8 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई है। आज 7 अप्रैल को इसका सर्वाधिक असर देखने को मिलेगा।

प्रमुख जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, जैसलमेर, फलोदी, जोधपुर, दौसा, जयपुर, बीकानेर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में घरों के भीतर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मेवाड़ से मारवाड़ तक येलो अलर्ट

हनुमानगढ़, बाड़मेर, चूरू, टोंक, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, अजमेर, अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सीकर, बूंदी और कोटा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मौसम का असर व्यापक होगा।

इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

किसानों के लिए विशेष चेतावनी

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि वे अपनी पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। सुरक्षित भंडारण न होने पर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

विक्षोभ का व्यापक प्रभाव

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वायुमंडल में नमी बढ़ी है, जिससे अचानक बादलों की आवाजाही शुरू हुई है। यह स्थिति राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में अधिक प्रभावी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का मौसम अप्रैल के महीने में फसलों के लिए चिंता का विषय है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।

9 अप्रैल से बदलेगा फिर मौसम

राहत की बात यह है कि यह विक्षोभ लंबे समय तक नहीं टिकेगा। 9 अप्रैल से राज्य के अधिकांश भागों में मौसम फिर से शुष्क होने और आसमान साफ होने की उम्मीद है।

अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में गर्मी का तीखा अहसास फिर से शुरू हो जाएगा।

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