राजनीति

मेरा भारत–मेरा योगदान अभियान: मेरा भारत–मेरा योगदान: श्रवण सिंह बगड़ी का बड़ा आह्वान

Pradeep Beedawat · 24 मई 2026, 09:57 रात
श्रवण सिंह बगड़ी ने ऊर्जा बचत और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया।

जयपुर | भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने 'मेरा भारत–मेरा योगदान' अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संकट के बीच देशवासियों को ऊर्जा बचत का संदेश दिया।

ऊर्जा और ईंधन संरक्षण का महासंकल्प

बगड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है। ऐसे में ईंधन की बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करना समय की मांग है।

भाजपा संगठन के सभी कार्यालय अब ऊर्जा और ईंधन की खपत में 50 प्रतिशत तक बचत का लक्ष्य लेकर कार्य करेंगे। इसके लिए अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत डीजल और पेट्रोल की बचत के लिए कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग और ई-वाहनों को अपनाना इस मुहिम का मुख्य हिस्सा है।

स्वदेशी उत्पादों और 'लोकल फॉर वोकल' पर जोर

बगड़ी ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए विदेशी पर्यटन की बजाय भारत में पर्यटन को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को अपनाने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की अपील की।

वैश्विक संकट के बीच देशवासी ईंधन एवं ऊर्जा की बचत, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करें।

भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता 'लोकल फॉर वोकल' अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंडल एवं बूथ स्तर तक इस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाएगा।

प्राकृतिक खेती और जन जागरूकता

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन देने का भी आह्वान किया। सामाजिक संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों को भी ऊर्जा संरक्षण के लिए निरंतर जागरूक किया जाएगा।

बगड़ी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं। यह छोटे कदम प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

यह अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव है। जब प्रत्येक नागरिक ऊर्जा बचाएगा और स्वदेशी अपनाएगा, तभी भारत सही मायनों में विश्व गुरु बन पाएगा।

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