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राजस्थान

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे: कोटपूतली से किशनगढ़ का सफर होगा आसान, जल्द शुरू होगा 6000 करोड़ का एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट

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राजस्थान में कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच नया फोर लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। 208 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट से दिल्ली और अजमेर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

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HIGHLIGHTS

  • 208 किमी लंबे एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन। कोटपूतली से किशनगढ़ का सफर अब 6 घंटे की जगह मात्र 2 घंटे में होगा पूरा। एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 100 से ज्यादा अंडरपास और फ्लाईओवर का होगा निर्माण।
kotputli kishangarh green field expressway project update

जयपुर | राजस्थान के कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नए साल में प्रस्तावित फोर लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है। यह एक्सप्रेसवे कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिले से होकर गुजरेगा। 6000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाला यह 208 किमी लंबा मार्ग सफर को काफी सुगम बना देगा।

सफर के समय में होगी बड़ी बचत

इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर मात्र 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों के करीब 90 मिनट की बचत होगी। इस मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा संभव हो पाएगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर कुल 9 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही एक आधुनिक एंट्री-ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी लागू किया जाएगा। कोटपूतली से एग्जिट पॉइंट की आपसी दूरी लगभग 25 से 30 किमी रखी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 2200 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कई स्थानों पर लैंड मार्किंग का काम भी शुरू किया जा चुका है।

100 से ज्यादा अंडरपास और सुरक्षा नियम

सड़क हादसों को रोकने और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर, थ्री व्हीलर और टू-व्हीलर के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाएगा। एंट्री पॉइंट पर ही गाड़ी के नंबर को स्कैन करने की व्यवस्था होगी और वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी के अनुसार टोल काटा जाएगा। इसके अलावा मार्ग में 100 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा ताकि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। दिल्ली से अजमेर आने जाने वालों को जयपुर में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिल सकेगी।

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