लखनऊ: अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में ईशान किशन ने शानदार शतक जड़कर टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया है। 79 गेंदों पर 125 रन की विस्फोटक पारी खेलने वाले ईशान ने यह साफ संकेत दे दिया कि वह सीमित ओवरों की क्रिकेट में अपनी जगह दोबारा मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि टीम के प्रथम पसंद विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन को देखें तो स्थिति कुछ अलग नजर आती है। ईशान मूल रूप से टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं और उनकी सबसे बड़ी ताकत नई गेंद के साथ बल्लेबाजी करना है। ऐसे में उनके शानदार प्रदर्शन का सीधा असर केएल राहुल की जगह पर नहीं, बल्कि ओपनिंग स्लॉट के लिए चल रही प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है।
ईशान ने दिखाई मैच्योरिटी और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण
लखनऊ में खेले गए मुकाबले में ईशान किशन ने शुरुआत बेहद संयम के साथ की। उन्होंने अपना अर्धशतक 52 गेंदों में पूरा किया, लेकिन इसके बाद गियर बदलते हुए अगली सिर्फ 19 गेंदों में दूसरा अर्धशतक जड़ दिया।
उनकी पारी की सबसे खास बात बल्लेबाजी की समझ रही। शुरुआती 50 रन तक उन्होंने ऑफ साइड में कोई बाउंड्री नहीं लगाई और लेग साइड पर रन बटोरते रहे। जैसे ही राशिद खान ने अपनी गेंदबाजी की लाइन बदली, ईशान ने तुरंत ऑफ साइड का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। यह बदलाव उनकी मैच स्थिति को पढ़ने की क्षमता और परिपक्व बल्लेबाजी का उदाहरण था।
वनडे में अब भी केएल राहुल हैं पहली पसंद
पिछले चार वर्षों से केएल राहुल वनडे टीम में नंबर-1 विकेटकीपर बल्लेबाज और मिडिल ऑर्डर के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं। नंबर छह पर फिनिशर की भूमिका निभाते हुए उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाला है।
इस दौरान ऋषभ पंत, संजू सैमसन, ध्रुव जुरेल और जितेश शर्मा जैसे विकेटकीपर बल्लेबाज भी उनकी जगह नहीं ले सके। इसलिए मौजूदा टीम संतुलन को देखते हुए ईशान किशन की वापसी से राहुल की भूमिका पर तत्काल कोई खतरा नजर नहीं आता।
रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल के लिए बढ़ी चुनौती
ईशान किशन का यह प्रदर्शन टॉप ऑर्डर के लिए जरूर नई चुनौती लेकर आया है। चयनकर्ताओं ने अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें बैकअप ओपनर के तौर पर परखने की योजना बनाई थी। विराट कोहली की अनुपस्थिति में यशस्वी जायसवाल को मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। वहीं दूसरे ओपनर भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
इसके बाद नंबर चार पर उतरे ईशान ने शानदार शतक लगाकर मैच का रुख बदल दिया। ऐसे में यदि वह लगातार रन बनाते हैं तो टीम प्रबंधन के सामने टॉप ऑर्डर में बदलाव का विकल्प खुल सकता है।
चयनकर्ताओं के सामने बढ़ेगी सकारात्मक चुनौती
ईशान किशन की दमदार वापसी भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर है। इससे विकेटकीपर की जगह से ज्यादा ओपनिंग और टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा तेज होगी। आने वाले वनडे मुकाबलों में यदि ईशान अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं तो टीम चयन और भी रोचक हो सकता है, जबकि रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल को अपनी जगह मजबूत करने के लिए लगातार प्रदर्शन करना होगा.