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इंडिया स्टोनमार्ट 2026: पत्थर उद्योग का वैश्विक संगम जयपुर में: इंडिया स्टोनमार्ट 2026: जयपुर में 5 से 8 फरवरी तक सजेगा अंतरराष्ट्रीय मंच, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दी जानकारी

Pradeep Beedawat

जयपुर में 5-8 फरवरी 2026 को इंडिया स्टोनमार्ट का आयोजन होगा, जो राजस्थान के पत्थर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय तकनीक और बाजार से जोड़ेगा।

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HIGHLIGHTS

  • 5 से 8 फरवरी 2026 तक जयपुर में होगा 13वां इंडिया स्टोनमार्ट। चीन, तुर्की, इटली और ईरान जैसे देशों के प्रदर्शक होंगे शामिल। राजस्थान के एक जिला एक उत्पाद हेतु विशेष पवैलियन का निर्माण। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण। राइजिंग राजस्थान के तहत 8 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू पर काम शुरू।
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इंडिया स्टोनमार्ट 2026: पत्थर उद्योग का वैश्विक संगम जयपुर में

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर विश्व स्तरीय औद्योगिक समागम का साक्षी बनने जा रही है। प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने घोषणा की है कि 'इंडिया स्टोनमार्ट 2026' का आयोजन 5 से 8 फरवरी, 2026 तक जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में किया जाएगा। यह आयोजन न केवल राजस्थान के पत्थर उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि प्रदेश के कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक तकनीक और बाजार से जुड़ने का एक स्वर्णिम अवसर भी प्रदान करेगा।

पत्थर उद्योग को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इंडिया स्टोनमार्ट का यह 13वां संस्करण अब तक का सबसे भव्य और व्यापक आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है जहाँ यह दुनिया भर के पत्थर उद्योग के हितधारकों के लिए एक अनिवार्य मंच बन गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के प्रचुर पत्थर संसाधनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना और राज्य को एक वैश्विक स्टोन हब के रूप में स्थापित करना है। इस बार प्रदर्शनी में चीन, तुर्की, ईरान, थाईलैंड, इटली, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे प्रमुख देशों के प्रदर्शक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

ओडीओपी (ODOP) पवेलियन: स्थानीय कला को वैश्विक पहचान

इस आयोजन की एक प्रमुख विशेषता 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) के तहत तैयार किया जाने वाला विशेष पवेलियन होगा। कर्नल राठौड़ ने जानकारी दी कि राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित पत्थर के उत्पादों को यहाँ प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने पेश किया जा सकेगा। यह पहल न केवल निर्यात को बढ़ावा देगी बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।

निवेश और नीतिगत सुधारों से बदलती प्रदेश की तस्वीर

उद्योग मंत्री ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की निवेश संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में लागू की गई नई नीतियों और 'राइजिंग राजस्थान' जैसे अभियानों के कारण प्रदेश एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बन गया है। राइजिंग राजस्थान के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों पर अमल शुरू हो चुका है, जो सरकार की कार्यक्षमता को दर्शाता है।

युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर

राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर अत्यंत गंभीर है। कर्नल राठौड़ ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकारी क्षेत्र में एक लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1.54 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही, निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए निवेश समझौतों को तेजी से लागू किया जा रहा है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' शुरू की गई है, जिसके तहत युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लक्ष्य एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाना है।

आयोजन की भव्यता और तकनीकी नवाचार

इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के संयोजक नटवर अजमेरा ने बताया कि यह संस्करण इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जो लगभग 25,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। इसमें कुल 539 स्टॉल्स लगाए जाएंगे। सीडीओएस (CDOS) के चेयरमैन दीपक अजमेरा ने साझा किया कि इस बार डिजिटल एग्जीबिशन ऐप, मल्टी-लैंग्वेज वेबसाइट और अंतरराष्ट्रीय रोडशो जैसे नवाचार किए गए हैं। आयोजन में 'जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल' और 'ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम' जैसे सत्र भी होंगे, जो डिजाइन और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित रहेंगे।

एमएसएमई सेक्टर के लिए संजीवनी

लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों, नरेश पारीक और अंजू सिंह ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट एमएसएमई इकाइयों के लिए एक मजबूत वैश्विक मंच बन चुका है। यह छोटे उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और नई तकनीकों से जुड़ने का मौका देता है। रूडा (RUDA) की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा अरोड़ा ने बताया कि यह आयोजन शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में पत्थर के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राजस्थान की वैश्विक पहचान

इंडिया स्टोनमार्ट 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की औद्योगिक शक्ति का प्रदर्शन है। 20 से अधिक देशों के खरीदारों, आर्किटेक्ट्स और डेवलपर्स की भागीदारी के साथ, यह आयोजन निवेश, निर्यात और रोजगार सृजन के नए द्वार खोलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि राजस्थान का पत्थर उद्योग न केवल अपनी परंपरा को संजोए रखे, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा भी करे।

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