अजमेर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने आखिरकार सब-इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती-2021 को निरस्त करने का बड़ा आदेश जारी कर दिया है। तीन साल से पेपर लीक और धांधली के साये में रही इस भर्ती की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी।
एसआई भर्ती 2021 रद्द: नई तारीख घोषित: SI भर्ती 2021 रद्द: सितंबर 2026 में परीक्षा, 4 लाख अभ्यर्थी बाहर
RPSC ने SI भर्ती 2021 रद्द की, अब केवल 3.83 लाख पुराने अभ्यर्थी ही दे पाएंगे परीक्षा।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान लोक सेवा आयोग ने एसआई भर्ती-2021 को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है।
- अब पुनर्परीक्षा सितंबर 2026 में होगी, जिसमें केवल 3.83 लाख पुराने अभ्यर्थी बैठ सकेंगे।
- पेपर लीक मामले में अब तक 140 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें 63 ट्रेनी एसआई शामिल हैं।
- 4.12 लाख अभ्यर्थी परीक्षा से बाहर हुए, जिसे लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है।
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आयोग के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। अब यह परीक्षा सितंबर 2026 में नए सिरे से आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए आयोग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
परीक्षा की नई तिथि और पात्रता के कड़े नियम
आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने बताया कि भर्ती रद्द होने के बाद अब पुनर्परीक्षा सितंबर 2026 में होगी। हालांकि, इसमें एक बड़ा पेंच पात्रता को लेकर फंसा हुआ है, जिससे हजारों अभ्यर्थी निराश हैं।
इस परीक्षा में केवल वही 3 लाख 83 हजार अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने साल 2021 की प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर दिए थे। नए आवेदकों को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं दिया जाएगा।
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आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने 2021 में परीक्षा छोड़ दी थी या अनुपस्थित रहे थे, वे भी अब अपात्र माने जाएंगे। इससे करीब 4.12 लाख अभ्यर्थी सीधे तौर पर इस दौड़ से बाहर हो गए हैं।
आवेदन में संशोधन के लिए मिलेगा समय
पुराने अभ्यर्थियों को अपने आवेदन पत्र में सुधार करने का मौका दिया जाएगा। वे 16 से 30 मई 2026 तक अपने मोबाइल नंबर, ई-मेल और पते में जरूरी बदलाव कर सकेंगे।
अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के माध्यम से अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य होगी। प्रक्रिया पूरी न करने या स्वघोषणा पत्र न देने पर उनका आवेदन स्वतः ही निरस्त माना जाएगा।
बेरोजगारों का आक्रोश: 4 लाख अभ्यर्थी बाहर क्यों?
भर्ती रद्द होने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब रीट और ईओ-आरओ जैसी रद्द भर्तियों में सबको मौका मिला, तो यहां भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
अभ्यर्थियों का कहना है कि कुल 7.95 लाख लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन केवल आधे लोगों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति देना न्यायसंगत नहीं है। इसे समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन बताया जा रहा है।
"जब पिछली रद्द भर्तियों में सभी आवेदकों को दोबारा मौका दिया गया था, तो एसआई भर्ती के लिए अलग नियम क्यों बनाए गए हैं? यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।"
जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला
एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी अब तक 140 से अधिक गिरफ्तारियां कर चुकी है। इनमें 63 ऐसे ट्रेनी एसआई शामिल हैं जो विभिन्न केंद्रों पर ट्रेनिंग ले रहे थे और धांधली में लिप्त पाए गए।
आयोग ने बताया कि डीबार किए गए अभ्यर्थियों पर फैसला भविष्य की एफसी बैठक में लिया जाएगा। गृह विभाग तय करेगा कि दागी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने देना है या उनकी नियुक्ति स्थायी रूप से रोकनी है।
चयनित प्रशिक्षुओं का प्रदर्शन और भावुक अपील
वहीं दूसरी ओर, ईमानदारी से चयनित हुए अभ्यर्थी जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों को सजा मिले, लेकिन निर्दोषों का हक न छीना जाए। वे भर्ती रद्द करने के खिलाफ हैं।
धरनास्थल पर धरियावद विधायक थावरचंद डामोर भी पहुंचे। वहां एक चयनित ट्रेनी एसआई संतोष खराड़ी ने रोते हुए अपनी वर्दी विधायक को सौंप दी और सरकार से न्याय की गुहार लगाई।
निष्कर्षतः, आरपीएससी के इस फैसले ने राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजरें आगामी अदालती फैसलों और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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