सीकर | राजस्थान के शेखावाटी अंचल में अपनी बेमिसाल कॉमेडी से घर-घर में पहचान बनाने वाली मशहूर जोड़ी 'पंकू-बन्नू' आज विवादों के भंवर में फंस गई है। इस जोड़ी के टूटने की खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।
मंगलवार की रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हमेशा सबको हंसाने वाले पंकज सोनी उर्फ पंकू फूट-फूटकर रोते हुए नजर आए। यह आंसू किसी कॉमेडी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थे।
पंकज सोनी का आरोप है कि उन्हें दोस्ती में धोखा मिला है और पुलिस प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है। यह मामला अब सीकर के पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय तक पहुंच गया है।
विवाद की जड़: साल 2019 की वो दोस्ती और जमीन
इस पूरे विवाद की कहानी साल 2019 में शुरू होती है। पंकज सोनी और बनवारीलाल गोस्वामी (बन्नू) के बीच उस वक्त अटूट दोस्ती थी। दोनों ने मिलकर गाड़ोदा गांव में जमीन और गाड़ी खरीदी थी।
पंकज ने भावुक होते हुए बताया कि दोस्ती इतनी गहरी थी कि उन्होंने कभी रजिस्ट्री के कागजात पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने घर की रजिस्ट्री अपने नाम नहीं करवाई, जो आज उनकी सबसे बड़ी भूल बन गई।
पंकज का आरोप है कि बन्नू अब उस संपत्ति पर अपना एकाधिकार जमा रहे हैं। उनके अनुसार, जिस पर उन्होंने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी ने आज उन्हें बेघर करने की साजिश रची है।
पुलिसिया कार्रवाई और 5 मई की खौफनाक रात
पंकज सोनी ने सीकर एसपी प्रवीण नूनावत को दी गई शिकायत में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 5 मई की रात करीब 8 बजे पुलिस बिना किसी वारंट के घर घुसी।
पंकज के अनुसार, उस वक्त घर पर उनके बुजुर्ग माता-पिता और मामी मौजूद थे। पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया और घर खाली करने की धमकी दी। उन्होंने सुरक्षा कैमरे हटाने का भी दावा किया।
मैंने अपनी दोस्ती पर आंख मूंदकर भरोसा किया था। मुझे क्या पता था कि जिस जमीन के लिए मैंने खून-पसीना एक किया, वही मेरी बेदखली का कारण बनेगी।
आठ महीनों से थमा कॉमेडी का सफर
इस व्यक्तिगत विवाद का सीधा असर उनके पेशेवर जीवन पर पड़ा है। पिछले 28 सितंबर से दोनों के बीच 'कोल्ड वॉर' चल रहा है। पिछले आठ महीनों से दोनों ने साथ में कोई वीडियो नहीं बनाया।
पंकज ने बताया कि वे काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। उनके पीछे बुजुर्ग माता-पिता अकेले रहते हैं। पुलिस की इस कथित कार्रवाई ने उनके मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।
सबूतों की कमी और न्याय की गुहार
पंकज सोनी के पास फिलहाल उस घर पर अपना हक जताने के लिए केवल बिजली का बिल और पुराने वीडियो ही एकमात्र सबूत हैं। कानूनी कागजात न होना उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गया है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। पंकज चाहते हैं कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा मिले और उनके साथ न्याय हो।
निष्कर्ष: भरोसे की टूटती डोर
पंकू-बन्नू का यह विवाद अब केवल दो कलाकारों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह भरोसे और कानूनी पेचीदगियों की मिसाल बन गया है। प्रशंसक इस जोड़ी के बीच सुलह की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल मामला पुलिस के पास है और जांच जारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि शेखावाटी की यह सबसे चहेती जोड़ी फिर कभी एक साथ पर्दे पर नजर आएगी या यह विवाद हमेशा के लिए बना रहेगा।
*Edit with Google AI Studio