राजस्थान

जयपुर: फार्मा कंपनी पर बड़ा छापा: जयपुर में मिलावटखोरों पर एक्शन, 1050 किलो नमक किया नष्ट

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 07 मई 2026, 10:57 दोपहर
बगरू की फार्मा फर्म पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, भ्रामक दावों और खराब क्वालिटी पर बड़ी कार्रवाई।

जयपुर | राजस्थान में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बगरू में बड़ी कार्रवाई की है।

बगरू की फार्मा कंपनी पर छापा

चितरोली स्थित फार्मा बायोलॉजिकल फर्म पर औचक निरीक्षण किया गया। यहां टीम को लेबलिंग और गुणवत्ता से जुड़ी कई गंभीर खामियां देखने को मिलीं। कंपनी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही थी।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ उत्पादों पर लाइसेंस नंबर की जगह केवल रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा पाया गया। यह फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड रेगुलेशंस का स्पष्ट उल्लंघन है।

मार्केटिंग फर्मों का खाद्य लाइसेंस भी लेबल पर अंकित नहीं मिला। इससे उपभोक्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी। विभाग ने इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है।

नियमों की अनदेखी और लापरवाही

जांच में सामने आया कि कंपनी अन्य फर्मों के लिए जॉब वर्क कर रही थी। मल्टी विटामिन सिरप और मेलाटोनिन टैबलेट के लेबल पर भी गलत जानकारी अंकित थी। इससे आम जनता की सेहत से खिलवाड़ हो रहा था।

अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने जानकारी दी कि निर्माता ने निर्धारित समय में उत्पादों की लैब जांच नहीं करवाई थी। हर छह महीने में FSSAI लैब से जांच कराना अनिवार्य है, जिसे नजरअंदाज किया गया।

चीन से मंगाया जा रहा था कच्चा माल

हैरानी की बात यह है कि विटामिन बी और सुक्रालोज सीधे चीन से मंगाए गए थे। नियमों के मुताबिक, इन्हें अधिकृत फूड इंपोर्टर के जरिए ही खरीदा जाना चाहिए। यहां प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

कंपनी के पास इन कच्चे मालों के आयात से जुड़े दस्तावेज भी नियमानुसार नहीं मिले। यह विदेशी सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाता है। विभाग अब इसकी गहराई से जांच कर रहा है।

"निरीक्षण के दौरान लेबलिंग और गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

भारी मात्रा में नष्ट किया अवधिपार सामान

कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 1050 किलोग्राम एक्सपायर्ड आयोडाइज्ड नमक बरामद किया। इसे तुरंत मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा लीची फ्लेवर की बोतलों को भी नष्ट किया गया।

यह एक्सपायर्ड सामान खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल होने की आशंका थी। समय रहते कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है। विभाग की टीमें अब स्टॉक रजिस्टर की भी जांच कर रही हैं।

भ्रामक दावों पर विभाग की टेढ़ी नजर

टीम ने 'लिवर डिटॉक्स' और 'प्लेट-एम' जैसे सप्लीमेंट्स के नमूने लिए। इन पर एनीमिया और प्लेटलेट्स बढ़ाने जैसे दावे किए गए थे। विभाग के अनुसार, ये दावे पूरी तरह भ्रामक और गैर-कानूनी हैं।

कुल 4 नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल विभाग ने फर्म को सुधार के लिए धारा 32 के तहत सुधारात्मक नोटिस जारी किया है।

इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा।

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