जोधपुर | राजस्थान सरकार किसानों की खुशहाली के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने झंवर ग्राम पंचायत में 'ग्राम रथ' अभियान का जायजा लिया। यह अभियान आगामी 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026' के लिए है।
कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
सरकार का मानना है कि जनता के बीच जाकर ही उनकी आकांक्षाओं को समझा जा सकता है। ग्राम-2026 के माध्यम से प्रदेश का एग्रीकल्चर सेक्टर पहले से कहीं अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगा।
किसानों के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि
पटेल ने बताया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक सशक्त इको-सिस्टम तैयार कर रही है। इसी के तहत किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दी गई है।
इतना ही नहीं, गेहूं की खरीद पर अब 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही मोल मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा।
हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि का मजबूत इको-सिस्टम विकसित करने के लिए कार्य कर रही है और ग्राम-2026 का आयोजन उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
सुझाव पेटिका से सीधे जुड़ेंगे ग्रामीण
ग्राम रथों के माध्यम से न केवल योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि इसमें एक विशेष सुझाव पेटिका भी रखी गई है। इसके जरिए ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
यह पारदर्शी व्यवस्था जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम करेगी। लोग अपने सुझावों के जरिए विकास कार्यों में अपनी सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित कर पाएंगे।
झंवर और लूणी क्षेत्र का कायाकल्प
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए झंवर को अब पंचायत समिति बना दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में झंवर में नया महाविद्यालय भी खोला गया है, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा मिल सके।
कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए लूणी विधानसभा क्षेत्र में बड़ा निवेश किया जा रहा है। लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 500 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
डबल इंजन सरकार का संकल्प
राजस्थान जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई ने कहा कि सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित भारत 2047 के विजन के तहत नई कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मनरेगा के तहत अब 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। साथ ही कृषि कार्यों में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए 60 दिन के 'नो वर्क पीरियड' का प्रावधान किया गया है।
सरकार के इन व्यापक प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। ग्राम-2026 और बुनियादी ढांचे में सुधार से राजस्थान के किसानों का भविष्य उज्ज्वल और समृद्ध होने वाला है।
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