राजस्थान की सियासत में 30 मई की तारीख का सबको इंतजार है.सियासत के लिहाज से ये तारीख बहुत ख़ास मानी जा रही है क्योंकि भृष्टाचार के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सचिन पायलट ने मोर्चा खोलकर पंद्रह दिन का अल्टीमेटम देकर आंदोलन की जो धमकी दी थी वह अल्टीमेटम 30 मई को पूरा होने वाला है और अब उस तारीख में महज आठ दिन शेष बचे है.
कल गहलोत दिल्ली जाएंगे : सचिन पायलट का अल्टीमेटम पूरा होने में बचे है आठ दिन, ना आलाकमान सीरियस ना गहलोत
राजस्थान की सियासत में 30 मई की तारिख का सबको इंतजार है. सियासत के लिहाज से ये तारिख बहुत ख़ास मानी जा रही है क्योंकि भृष्टाचार के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सचिन पायलट ने मोर्चा खोलकर पंद्रह दिन का अल्टीमेटम देकर आंदोलन की जो धमकी दी थी
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सचिन पायलट के अल्टीमेटम के बाद न तो सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और न ही कांग्रेस आलाकमान ने उस पर कोई व्यापक प्रतिक्रिया दी है और ना ही सचिन पायलट की मांगों पर फ़िलहाल कोई एक्शन राजस्थान सरकार ने लिया है ऐसे में चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान और अशोक गहलोत सचिन पायलट को पूरी तरह से नजरअंदाज करने के मूड में है.
वही राजस्थान के राजनीतिक जानकारों की माने तो जनसंघर्ष यात्रा के बाद सचिन पायलट ने ऐसी मांग गहलोत सरकार के सामने रख दी है जिन्हे पंद्रह दिन के अल्टीमेटम के भीतर पूरा करना संभव नहीं है. ऐसे में सचिन पायलट ने मांगे पूरी ना होने के बाद जिस आंदोलन की चेतावनी दी थी अब लगता है पायलट को उसी रस्ते पर जाना पड़ेगा.
सचिन पायलट की जनसंघर्ष यात्रा के बाद एक बार फिर से उपजे राजनीतिक उठापटक के हालातो के बीच राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा जयपुर आए है और रंधावा ने ना तो सचिन पायलट से अब कोई किसी भी तरह की कोई बातचीत की है और ना ही कोई ऐसी खबर है कि प्रभारी ने सचिन पायलट की मांगो पर विचार किया है.
गहलोत और डोटासरा कल जाएंगे दिल्ली
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इसी बीच बड़ी खबर यह है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा को कल कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है. कल गहलोत और डोटासरा दोनों दिल्ली पहुंचकर राजस्थान के हालातों पर कांग्रेस आलाकमान से मुलाक़ात करेंगे.
आलाकमान से इस मुलाकात में क्या सचिन पायलट के मुद्दे पर भी कोई बात की जाएगी इस बारे फ़िलहाल कोई जानकरी ,उपलब्ध नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि अब जबकि सचिन पायलट का अल्टीमेटम पूरा होने में महज आठ दिन बाकि है और उसके बाद पायलट बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके है तो इस बारे में शायद आलाकमान कोई रिपोर्ट गहलोत और डोटासरा से मांग ले.