चंडीगढ़ | पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति में भारी उबाल देखने को मिल रहा है।
संजीव अरोड़ा पर ED की रेड: केजरीवाल ने की मोदी की औरंगजेब से तुलना
पंजाब में ED की छापेमारी पर बरसे केजरीवाल, केंद्र पर लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप।
HIGHLIGHTS
- ED ने संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़, लुधियाना और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की।
- अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना औरंगजेब से की है।
- केजरीवाल का आरोप है कि बंगाल चुनाव के बाद पंजाब को निशाना बनाया जा रहा है।
- अशोक मित्तल समेत कई पूर्व AAP नेताओं के बीजेपी में शामिल होने का जिक्र किया गया।
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शनिवार सुबह से ही जांच एजेंसी की टीमों ने लुधियाना, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कई प्रमुख ठिकानों पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की तुलना ऐतिहासिक शासक औरंगजेब से करते हुए कहा कि विपक्ष को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार पंजाब की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने और नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए इस छापेमारी की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए हैं।
चुनावों के बाद बढ़ी सक्रियता का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि जैसे ही पश्चिम बंगाल के चुनाव संपन्न हुए, वैसे ही पंजाब में ED की रेड का सिलसिला तेज कर दिया गया।
उनके अनुसार, यह केवल एक संयोग नहीं है बल्कि सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है ताकि विपक्षी दलों को कमजोर किया जा सके।
"जैसे ही पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म हुए, वैसे ही पंजाब में लगातार ED की रेड शुरू कर दी गईं। यह तानाशाही का प्रतीक है।"
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के साथ केंद्र सरकार का व्यवहार हमेशा से पक्षपातपूर्ण रहा है, चाहे वह फंड का मामला हो या अन्य मुद्दे।
अशोक मित्तल और दल-बदल का मुद्दा
केजरीवाल ने अपने संबोधन में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का भी विशेष रूप से उल्लेख किया और उन पर हुए दबाव की चर्चा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अशोक मित्तल के ठिकानों पर भी इसी तरह छापेमारी की गई थी और बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए।
केजरीवाल का मानना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि नेताओं को पार्टी बदलने के लिए मजबूर करने हेतु हो रहा है।
AAP छोड़कर जाने वाले नेताओं की सूची
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राघव चड्ढा के नेतृत्व में कई नेताओं ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।
इन नेताओं में अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
केजरीवाल ने कहा कि संजीव अरोड़ा पर पहले भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन जब उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से इनकार किया, तो फिर छापेमारी की गई।
पंजाब के संसाधनों पर दबाव
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार पंजाब को पानी, फंड और अन्य सरकारी संस्थानों के मुद्दों पर लगातार परेशान कर रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के किसानों और आम जनता के हक को मारकर केंद्र अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की धमकियों से आम आदमी पार्टी के नेता डरने वाले नहीं हैं और वे जनता के लिए लड़ते रहेंगे।
यह छापेमारी आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि AAP अब इसे जन-आंदोलन बनाने की तैयारी में है।
निष्कर्ष के तौर पर, संजीव अरोड़ा पर हुई यह कार्रवाई केवल एक जांच नहीं बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव का नया अध्याय है।
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