दिल्ली | कॉर्पोरेट जगत में अक्सर काम के बोझ और तनाव की खबरें आती हैं, लेकिन दिल्ली से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है। एक पीआर कंपनी के सीईओ ने मदर्स डे पर अनोखी मिसाल पेश की।
दिल्ली स्थित पीआर फर्म 'एलीट मार्के' (Elite Marque) के संस्थापक और सीईओ रजत ग्रोवर ने अपने कर्मचारियों के लिए एक विशेष घोषणा की है। उन्होंने मदर्स डे पर सभी को माता-पिता के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित किया।
मदर्स डे पर सीईओ का दिल जीतने वाला कदम
रजत ग्रोवर ने न केवल छुट्टी दी, बल्कि आर्थिक सहायता का भी वादा किया। उन्होंने हर कर्मचारी को 10,000 रुपये का बोनस और तीन दिन की पेड लीव देने का निर्णय लिया है। यह कदम सोशल मीडिया पर वायरल है।
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'माता-पिता की खुशियों को टालना नहीं चाहिए'
वायरल वीडियो में रजत ग्रोवर अपने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि हम अक्सर अपने काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि घर पर मौजूद माता-पिता की इच्छाओं को भूल जाते हैं।
ग्रोवर ने कर्मचारियों से कहा कि वे अपने माता-पिता से बात करें और पूछें कि वे कहां घूमना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी छोटी-छोटी खुशियों का ध्यान रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और कर्तव्य है।
"किसी को नहीं पता कल क्या होने वाला है, इसलिए माता-पिता की खुशियों को टालना नहीं चाहिए। उनके साथ समय बिताना और उनकी सेवा करना ही जीवन का असली उद्देश्य होना चाहिए।"
सीईओ ने यह भी साझा किया कि इस मदर्स डे पर कंपनी की तरफ से यह एक छोटा सा योगदान है। वे चाहते हैं कि उनके कर्मचारी अपने परिवार के साथ यादगार पल साझा करें और हमेशा खुश रहें।
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
इस दिल छू लेने वाली पहल का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खूब शेयर किया जा रहा है। लोग रजत ग्रोवर की सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स इसे कॉर्पोरेट दुनिया में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।
एक यूजर ने टिप्पणी की कि "ऐसे बॉस हर कंपनी में होने चाहिए जो कर्मचारियों की भावनाओं को समझें।" वहीं एक अन्य यूजर ने इसे "हीरो जैसी पहल" और "प्रेरणादायक नेतृत्व" करार देकर सराहा है।
कॉर्पोरेट संस्कृति में सकारात्मक बदलाव की लहर
आज के दौर में जहां कंपनियां केवल टारगेट और मुनाफे पर ध्यान देती हैं, वहां ऐसी पहल मानवीय संवेदनाओं को दर्शाती है। यह कदम दर्शाता है कि कर्मचारी केवल संसाधन नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़े इंसान हैं।
दिल्ली के इस सीईओ ने यह साबित कर दिया है कि वास्तविक सफलता केवल बिजनेस ग्रोथ में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए खुशहाल पलों में भी छिपी है। उनकी इस पहल ने सकारात्मकता फैलाई है।
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