कोलंबो | भारत ए और श्रीलंका ए के बीच चल रही ट्राई-नेशन सीरीज के एक अहम मुकाबले में युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। उन्होंने 21 रनों की तेज पारी खेली, लेकिन एक बड़ी तकनीकी चूक के कारण उन्हें निराश होकर पवेलियन लौटना पड़ा।
सूर्यवंशी ने तोड़ा छक्कों का सूखा
आईपीएल 2026 में अपने छक्कों के लिए मशहूर हुए वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज में अब तक एक भी छक्का नहीं लगा पाए थे। पिछले दो मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश रहा था।
लेकिन श्रीलंका ए के खिलाफ इस मैच में उन्होंने इस इंतजार को खत्म कर दिया। अपनी पारी की 9वीं गेंद पर उन्होंने एक जोरदार छक्का जड़ा।
यह इस सीरीज में उनका पहला और एकमात्र छक्का है। सूर्यवंशी ने कुल 14 गेंदों का सामना किया और 21 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का शामिल था।
दूसरे ओवर में दिखाए आक्रामक तेवर
इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस हारा और टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया गया। वैभव ने प्रभसिमरन सिंह के साथ पारी की शुरुआत की।
दोनों ने पहले ओवर में संभलकर खेलते हुए सिर्फ 2 रन बनाए। लेकिन दूसरे ही ओवर में वैभव का आक्रामक रूप देखने को मिला, जिससे श्रीलंकाई गेंदबाज हैरान रह गए।
उन्होंने ओवर की पहली गेंद पर चौका जड़ा, तीसरी गेंद को छह रनों के लिए बाउंड्री के पार भेजा और फिर आखिरी गेंद पर एक और चौका लगाकर ओवर से कुल 17 रन बटोरे।
पुरानी गलती ने फिर दिया धोखा
अपनी छोटी लेकिन विस्फोटक पारी के दौरान वैभव काफी अच्छी लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने चौथे ओवर की पहली गेंद पर भी एक खूबसूरत चौका लगाया।
लेकिन इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर वह अपनी पुरानी कमजोरी का शिकार हो गए। गेंदबाज ने उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर एक उछाल लेती गेंद फेंकी।
वैभव ने इस गेंद को बिना फुटवर्क के, खड़े-खड़े खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीम हुई और पॉइंट की दिशा में चली गई।
वहां तैनात फील्डर वनुजा सहन ने कोई गलती नहीं की और एक शानदार कैच लपककर वैभव की पारी का अंत कर दिया। यह शॉट सिलेक्शन उनकी एक बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है।
सीरीज में औसत प्रदर्शन
इस पूरी ट्राई-नेशन सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं रहा है। वह अब तक खेले गए मैचों में कुल 79 रन ही बना पाए हैं।
उनके बल्ले से 15 चौके और सिर्फ एक छक्का निकला है, जो उनकी आक्रामक शैली के विपरीत है। टीम मैनेजमेंट और प्रशंसकों को उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद है।
निष्कर्ष के तौर पर, वैभव की प्रतिभा निर्विवाद है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए उन्हें अपनी तकनीकी खामियों को दूर करना होगा। अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना ही उनकी असली परीक्षा होगी।
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