thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
शख्सियत

राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित: राजस्थान की ’जल महिला’ के नाम से विख्यात हैं गायत्री देवी,  मरूभूमि का भविष्य निखारने के लिए दिखाया जज्बा

thinQ360

पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसती रही राजस्थान की मरूभूमि में पानी की कीमत को गायत्री देवी यादव ने भली भांति समझा है। जिसके लिए उन्होंने एक अनूठी पहल करते हुए पानी को सहेजने का उत्कृष्ट नमूना पेश किया है। 

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसती रही राजस्थान की मरूभूमि में पानी की कीमत को गायत्री देवी यादव ने भली भांति समझा है। जिसके लिए उन्होंने एक अनूठी पहल करते हुए पानी को सहेजने का उत्कृष्ट नमूना पेश किया है। 
gayatri devi yadav known as water woman of rajasthan honored by president

जयपुर |  राजस्थान की बेटियां और बहुएं किसी भी क्षेत्र में किसी से भी पीछे नहीं रही हैं। इन्हीं उपलब्धियों का परिणाम है कि, राजस्थान की महिलाएं बार-बार अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होती रही हैं। 

पहले राजस्थान के बाढ़मेर जिले की रहने वाली रूमा देवी ने राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होकर प्रदेश का नाम गौरान्वित किया और अब स्वयंसेवी गायत्री देवी यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित हुई हैं। 


नई दिल्ली के विज्ञान भवन में बीते शनिवार को आयोजित हुए भव्य ’स्वच्छ सुजल शक्ति’ सम्मान समारोह में राजस्थान में जल महिला की भूमिका निभा रही स्वयंसेवी गायत्री देवी यादव को जल योद्धा श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
 

इसलिए हुई सम्मानित
पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसती रही राजस्थान की मरूभूमि में पानी की कीमत को गायत्री देवी यादव ने भली भांति समझा है। जिसके लिए उन्होंने एक अनूठी पहल करते हुए पानी को सहेजने का उत्कृष्ट नमूना पेश किया है। 

गायत्री देवी को राजधानी जयपुर के सांभर ब्लॉक इलाके में फार्म पॉन्ड बनाने के लिए ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किए गए उत्कृष्ट कार्याे के चलते इस पुरस्कार से नवाजा गया है। 

गायत्री देवी यादव ने पिछले कई वर्षों से जयपुर की ग्राम चेतना केंद्र संस्था के साथ मिलकर सांभर ब्लाक के लगभग 68 गांवों में अपने अनूठे कार्य को साकार किया है। इसके लिए उन्होंने 65 महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर वर्षा जल संचयन और संरक्षण का कार्य किया।  

गायत्री देवी ने इन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को जल साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जल संरक्षण का महत्व लोगों को समझाया है। 


इसी के साथ गायत्री देवी ने महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वर्षा जल के संचयन और स्वच्छ जल प्रबंधन के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

इतना ही नहीं, राजस्थान जैसे मरू प्रदेश में गायत्री देवी ने ग्रामीण इलाकों में फार्म पॉन्ड के जरिए वर्षा जल को किस से संचित किया जाए और उसको पीने और खेती में उपयोग करने लायक कैसे बनाया जाए इसके लिए भी लोगों को प्रशिक्षित करने का बीड़ा उठाया।

गायत्री देवी के इस उत्कृष्ट कार्य के चलते ही पानी के लिए तरसते ग्रामीणों को शुद्ध पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी  उपलब्ध हो सका। ऐसे में ग्रामीणों का पलायन भी रूका और  उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। इसी का नतीजा रहा कि गायत्री देवी आज राजस्थान की उन महिलाओं में शामिल हो गई जिन्होंने मरूभूमि का भविष्य निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शेयर करें: