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राजस्थान

भाजपा छोड़ ज्वाइन कर ली थी कांग्रेस: खींवसर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी भागीरथ मेहरिया ने समर्थकों के साथ थामा BJP का दामन

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भागीरथ मेहरिया 2013 में खींवसर से भाजपा प्रत्याशी रहे हैं, और 2013 से लेकर 2023 तक भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में निरंतर काम कर रहे थे, लेकिन मेहरिया ने 25 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। 

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HIGHLIGHTS

  • भागीरथ मेहरिया 2013 में खींवसर से भाजपा प्रत्याशी रहे हैं, और 2013 से लेकर 2023 तक भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में निरंतर काम कर रहे थे, लेकिन मेहरिया ने 25 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। 
former khimsar candidate bhagirath maharia joined bjp with his supporters

जयपुर | राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी का कुनबा बढ़ना लगातार जारी है। इस कड़ी में शुक्रवार को भागीरथ मेहरिया ने भाजपा का दामन थाम लिया है। 

महरिया के साथ उनके समर्थक अर्जुनराम मेहरिया, मनीराम काला बलाया, भागीरथ बनगांवा और बद्रीराम बिडियासर ने भी राजधानी जयपुर में प्रदेश मीडिया सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। 

इस दौरान कंेद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और नागौर विधायक मोहनलाल चौधरी ने सभी को भाजपा का दुपट्टा  पहनाकर और मिठाई खिलाकर सदस्यता ग्रहण कराई। 

भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सरकार की विफलताओं और उनके झूठे वादों से परेशान होकर कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेता भाजपा का दामन थाम रहे हैं। 

मेहरिया ने भाजपा छोड़ ज्वाइन कर ली थी कांग्रेस

बता दें कि भागीरथ मेहरिया 2013 में खींवसर से भाजपा प्रत्याशी रहे हैं, और 2013 से लेकर 2023 तक भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में निरंतर काम कर रहे थे, लेकिन मेहरिया ने 25 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। 

बोले गजेंद्र सिंह शेखावत- कांग्रेस ने षड़यंत्र रच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से लूट की

इस दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने षड़यंत्र पूर्वक प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से लूट की है, कांग्रेस की विफलता और आर्थिक कुप्रबंधन के चलते आज राजस्थान में देश की सबसे महंगी बिजली मिल रही है।

राजस्थान की सरकार महंगी बिजली के माध्यम से राजस्थान के एक करोड़ 39 लाख उपभोक्ताओं को लूटने का काम कर रही है। 

2018 में प्रदेश में बिजली की कीमत 5 रूपये 55 पैसे प्रति यूनिट थी जो बढ़कर आज 11 रूपये 90 पैसे प्रति यूनिट पर पहुंच गई है। 

कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले यह वादा किया था कि राजस्थान में एक भी पैसा बिजली की कीमत हम नहीं बढ़ाएंगे और फिर झूठ का सहारा लेकर सत्ता में आए। 

इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने 9 बार बिजली की दरें फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बढ़ाई हैं। एक पुराने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पेशल फ्यूल सरचार्ज वसूलने पर रोक लगाई गई है। 

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि बारां के कवाई में 2018 में एक थर्मल बेस पावर प्लांट ताप विद्युत घर बनाने के लिए ‘‘अदानी राजस्थान लिमिटेड, राजस्थान सरकार और डिस्कॉम तीनों ने एक एमओयू साइन किया था।

जिसके अनुरूप राजस्थान सरकार को बिजली विनिर्माता कंपनी को जिसने पावर प्लांट बनाया था उसको एक कॉल ब्लॉक आवंटित करना था, लेकिन दुर्भाग्य से राजस्थान की सरकार बदलने के बाद वह कॉल ब्लॉक आवंटित करने में असफल रहे। कॉल ब्लॉक आवंटित नहीं होने के कारण एम ओ यू की शर्तों के अनुरूप बिजली उत्पादक कंपनी अदानी राजस्थान लिमिटेड कंपनी को महंगी दर पर इंडोनेशिया से कोयला इंपोर्ट करना पड़ा। 

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