नई दिल्ली | फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-जी में बेल्जियम और मिस्र के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंत में मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मिस्र ने पहले हाफ में बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे हाफ में एक आत्मघाती गोल ने उनकी जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पहले हाफ में मिस्र का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने तेज खेल दिखाया। हालांकि, पहला गोल करने में सफलता मिस्र को मिली। खेल के 19वें मिनट में इमाम अशूर ने एक शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।
इस गोल के बाद मिस्र के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। उन्होंने खेल पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और बेल्जियम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
बेल्जियम की वापसी की कोशिशें नाकाम
पहले हाफ में पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने बराबरी करने की कई कोशिशें कीं। टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने कई हमले किए, लेकिन मिस्र की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहे। हाफ टाइम तक मिस्र अपनी 1-0 की बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा।
दूसरे हाफ में आत्मघाती गोल ने बदला खेल
दूसरे हाफ में बेल्जियम की टीम एक नई रणनीति के साथ मैदान पर उतरी। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मिस्र के गोलपोस्ट पर लगातार हमले करने शुरू कर दिए। टीम के इस बदले हुए रवैये का फायदा उन्हें जल्द ही मिला।
एक खेल विश्लेषक ने कहा, यह मैच रणनीति और भाग्य का एक आदर्श उदाहरण था। मिस्र ने शानदार शुरुआत की, लेकिन एक छोटी सी गलती ने उनसे जीत छीन ली।
लुकाकू के दबाव ने दिलाई बराबरी
मैच के 66वें मिनट में बेल्जियम को बराबरी का गोल मिला, लेकिन यह गोल किसी बेल्जियम खिलाड़ी ने नहीं किया। रोमेलु लुकाकू के बनाए दबाव और थॉमस म्यूनियर के क्रॉस को रोकने के प्रयास में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी से बड़ी गलती हो गई।
गेंद उनके पैर से लगकर सीधे अपने ही गोल में चली गई। इस आत्मघाती गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और बेल्जियम ने मैच में शानदार वापसी कर ली।
मैच के अंतिम क्षणों तक दोनों टीमों ने विजयी गोल करने का प्रयास किया, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। इस ड्रॉ के साथ दोनों टीमों को ग्रुप-जी में एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा, जिससे आगे के मुकाबलों का रोमांच और बढ़ गया है।
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