नीलू की कलम से: केश सज्जा
गर्मियों की दोपहर में जब सब लोग सो जाते तो घर में उपलब्ध केश-सज्जा-सामान- रंगीन,मखमली, मोतियों वाले रबड़, बकल,चोटीले और...
गर्मियों की दोपहर में जब सब लोग सो जाते तो घर में उपलब्ध केश-सज्जा-सामान- रंगीन,मखमली, मोतियों वाले रबड़, बकल,चोटीले और...
रावळों के साथ वाल्मीकि परिवार का संबंध व्यवसायिक न होकर व्यक्तिगत रहा है। प्रत्येक रावळे का अपना एक मेहतर होता है जो उनक...
सचमुच उनकी प्रार्थनाएं सुनी गई। महागौरी श्वेताम्बरा का पूजन संपन्न हुआ। बस एक दिन और!मगर इतना धैर्य स्वयं उनका मन भी धर...
छोटी-छोटी डावड़ियां व सुहाग-भाग की चाहने वाली नारियों के शृंगार का त्योहार गणगौर होलिका-दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण एकम...
मगर गुस्सा निकालने का शिष्ट तरीका भी कोई मुरधर की मरवणियों से सीखे। अश्लील तो दूर, अशुभ भी न बोलेगी पर झुंझलाहट तो हो रह...
जिस प्रकार ब्रह्म अक्षर व अक्षय है वैसे ही ऋतुएं भी निरंतर व अंतरहित है। शतपथ में ऋतुओं को विनाश रहित कहा गया है। ऋतुएं...
अपने प्रेम के लिए सर्वनाश कर देना फिल्मों के डायलॉग में भले सुनने को मिल जाए, व्यावहारिक धरातल पर शिव जैसा प्रेमी पति ही...
फेसबुक स्क्रोल करते हुए यूं ही फिल्म की प्रमोशनल पोस्ट पर नज़र पड़ गई।फिल्म पैड थी मगर पोस्ट में फिल्म के कंटेंट को लेकर...
मगर जैसे ही हम गांव वाले आपके घर (जो घर कम घुरंडी ज्यादा होता है) में पैर रखते हैं तो आपका मीटर चालू जो जाता है_पाव दूध...
थापना (प्रथम नवरात्रि) के दिन से ही घर में घी और मीठे से मिश्रित धुंए की सौरभ महकने लगती थी जो दिवाली आने का अलार्म था।श...
मैं मन ही मन हंस दी क्योंकि मां से तर्क करने के लिए छप्पन इंच का सीना भी कम ही पड़ता है। खैर! बात आई गई हो गई लेकिन हर स...
ये दो पंक्तियाँ आपको सहज आकर्षित करती है फिर शब्दों का ऐसा सम्मोहन कि आप उनमें खो जाते हैं और एक के बाद एक कविता पढ़ते च...
आचार्य अंगिरा के प्रति शौनक ऋषि का प्रश्न है- "कस्मिन्नु भगवो विज्ञाते सर्वमिद विज्ञात भवतीति।" जिज्ञासु के प्रश्न से आ...
वैदिक धर्म की मूल तत्व प्रतिपादिका प्रस्थान त्रयी में उपनिषद् मुख्य हैं।अन्य प्रस्थान गीता एवम् ब्रह्मसूत्र उसी के उपजीव...