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राजस्थान

भिवाड़ी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा दिल्ली से गिरफ्तार, पुलिस जांच में बड़े खुलासे

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राजस्थान के भिवाड़ी में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है, इस हादसे में सात मजदूरों की जान चली गई थी।

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HIGHLIGHTS

  • मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा दिल्ली स्थित अपने आवास से गिरफ्तार। 16 फरवरी को हुए इस विस्फोट में 7 मजदूरों की जलकर मौत हुई थी। भिवाड़ी DST विंग को पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका के चलते किया गया भंग। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की, कई और नाम आए सामने।
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भिवाड़ी | राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा कारौली औद्योगिक क्षेत्र में 16 फरवरी को हुए भीषण अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इस हृदयविदारक हादसे में सात मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

दिल्ली में दबिश देकर पकड़ा गया आरोपी

खैरथल-तिजारा एसपी मनीष कुमार के अनुसार, हेमंत सचदेवा को उसके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच भिवाड़ी लाया गया। उल्लेखनीय है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक हेमंत कुमार शर्मा और सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी को सलाखों के पीछे भेज दिया था। हालांकि, शुरुआती एफआईआर में केवल भूखंड मालिक का नाम था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर हेमंत सचदेवा की मुख्य संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

पुलिसकर्मियों की भूमिका और DST भंग

यह मामला तब और अधिक पेचीदा हो गया जब जांच में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आई। भिवाड़ी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) में तैनात हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा, जो गिरफ्तार आरोपी हेमंत कुमार शर्मा का सगा भाई है, और DST प्रभारी मुकेश वर्मा की भूमिका पर जयपुर विजिलेंस टीम जांच कर रही है। भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका को देखते हुए भिवाड़ी DST विंग को पूरी तरह से भंग कर दिया गया है।

सघन पूछताछ और आगामी छापेमारी

पुलिस अब हेमंत सचदेवा को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। एसपी ने बताया कि पूछताछ में हेमंत ने अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम उगले हैं। इसके आधार पर पुलिस की विशेष टीमें विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने इस हादसे के बाद अवैध पटाखा निर्माण और उनके असुरक्षित भंडारण के खिलाफ जिले भर में एक विशेष अभियान शुरू किया है। साथ ही, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

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