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राजनीति

अंता उपचुनाव: हार के बाद नरेश मीणा का भावुक वीडियो वायरल

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अंता उपचुनाव (Anta By-election) के नतीजों के बाद निर्दलीय नरेश मीणा (Naresh Meena) का एक भावुक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कलावे तोड़ते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज ईमानदारी हार गई और भ्रष्टाचार जीत गया।'

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HIGHLIGHTS

  • नरेश मीणा का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। हार के बाद नरेश मीणा ने तोड़े हाथ में बंधे कलावे। कहा, "आज ईमानदारी हार गई और भ्रष्टाचार जीत गया।" अंता से तीसरा चुनाव लड़ रहे थे नरेश मीणा।
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Naresh Meena

बारां: अंता उपचुनाव (Anta By-election) के नतीजों के बाद निर्दलीय नरेश मीणा (Naresh Meena) का एक भावुक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कलावे तोड़ते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज ईमानदारी हार गई और भ्रष्टाचार जीत गया।'

अंता उपचुनाव के नतीजों के बाद निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे अपने समर्थकों के बीच कार पर बैठे हुए अपने हाथ में बंधे कलावे एक-एक करके तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य उनकी हार के बाद की निराशा और भावुकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

हार के बाद नरेश मीणा का दर्द

अपनी हार से दुखी नरेश मीणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज ईमानदारी हार गई और भ्रष्टाचार जीत गया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना, संभवतः प्रमोद जैन भाया की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं अब तक तीन चुनाव लड़ चुका हूं और मुझे सभी ने बहुत प्यार दिया है। यह उनका तीसरा चुनाव था जिसमें उन्हें अंता में 53 हजार से भी ज्यादा वोट मिले, जिसके लिए उन्होंने सर्वसमाज का धन्यवाद भी किया।

पिछले ढाई दशक के अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए मीणा ने बताया कि वे अंता में तीसरा चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस चुनाव में भ्रष्टाचार ने जीत हासिल की, जबकि उनकी लड़ाई ईमानदारी के लिए थी।

26 महीने में तीसरा चुनाव और किसान पुत्र का संकल्प

समर्थकों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने भावुक होकर कहा, "मैं नरेश मीणा, एक किसान परिवार में पैदा हुआ हूं। एक किसान का बेटा, जिसने 26 महीने के भीतर यह तीसरा चुनाव लड़ा है। यह तीसरा चुनाव मैंने बारां की धरती पर लड़ा है।" उन्होंने सर्वसमाज द्वारा दिए गए आशीर्वाद के लिए उनके चरणों में प्रणाम किया।

मीणा ने आगे कहा कि उनका 25 साल का संघर्ष रहा है और उनकी लड़ाई हमेशा भ्रष्टाचार और ईमानदारी के बीच रही है। उन्होंने एक बार फिर अपनी निराशा दोहराते हुए कहा, "मुझे दुख हुआ कि आज ईमानदारी हार गई, भ्रष्टाचार जीत गया।" उनका यह बयान क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

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